Description
इस पुस्तक में, लेखक ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा में एक रोचक और आकर्षक योगदान दिया है । लेखक ने राष्ट्रवाद की अवधारणा के मुख्य तत्वों को सरल लेकिन सुंदर शैली में समझाने का प्रयास किया है । उन्होंने उपरोक्त अध्ययन से प्राप्त सिद्धांतों को भारत की वर्तमान परिस्थितियों के आलोक में परखने और उन्हें भारतीय राष्ट्रवादियों के समक्ष उपस्थित समस्याओं के समाधान करने में सफलता प्राप्त की है । यह पुस्तक विचारोत्तेजक सिद्ध होगी और एक ऐसी समस्या के वैज्ञानिक अध्ययन को गति प्रदान करेगी जिसे अब तक उपेक्षित रखा गया है । अतः लेखक इस पुस्तक को पाठकों के समक्ष राष्ट्रवाद को देखने तथा राष्ट्रीय आंदोलनों का अध्ययन करने का एक नया और महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के लिए बधाई के पात्र हैं, जो दुर्भाग्य से उन लोगों के मन में नहीं आया जो स्वयं को राष्ट्रवादी बताते रहे हैं और स्वयं भी राष्ट्रवादी के रूप में कार्य करते रहे हैं ।
एम.एस. गोलवलकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस) के दूसरे प्रमुख (सरसंघचालक), हिंदू राष्ट्रवाद के प्रमुख विचारक माने जाते हैं । उन्होंने हिंदू राष्ट्र की अवधारणा दी और अपनी पुस्तक ‘वी ऑर अवर नेशनहुड डिफाइंड’ के माध्यम से विचार प्रस्तुत किए, जबकि ‘बंच ऑफ थॉट्स’ उनके भाषणों का संकलन है । गोलवलकर को उनके अनुयायियों द्वारा आर.एस.एस के इतिहास में सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में से एक माना जाता है । एक नए राष्ट्रवाद के अग्रदूत के रूप में, श्री गुरुजी ने अपने अद्वितीय व्यक्तित्व और कार्यों से राष्ट्रीय जीवन में एक अद्वितीय आंतरिक शक्ति का संचार किया ।











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